हर इंसान सफल क्यों नहीं होता ? प्रेरणा से भरे आर्टिकल को एक बार ज़रूर पड़े

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Why is not every human being successful? Put inspirational articles to make sure once
Image Source: Sadhguru

ज़िन्दगी में ऐसा कौन सा इंसान होगा जो एक बड़ा इंसान नहीं बनना चहाता। अपनी ज़िन्दगी में कुछ करना नहीं चाहता ? लेकिन कभी अपने सोचा है की हर इंसान के सपने पुरे क्यों नही हो पाते। हर इंसान की चाहत जो करना चाहता है, जो वह पाना चाहता है। वह पूरी क्यों नहीं हो पाती ?

क्योंकि सपने तो हर इंसान देखता है, और वह बड़े-बड़े सपने देखता है। खुली आँखो से भी देखता है और बंद आँखो से भी देखता है। लेकिन हर इंसान के सपने पुरे नहीं होते। क्यू ? वो इस लिए क्योंकि सपने और सोच में फरक आ जाता है, और ये ही एक फरक है जो किसी इंसान को वो नहीं बनने देता, जो वह बनना चाहता है। हमें अपने सपनों को अपनी सोच और अपनी सोंच को अपने सपनो के साथ मिलाना होग़ा। उनके बिच एक ताल-मेल बनाना होग़ा। तभी हमारे सपने पुरे हो पाएंगे।

जब हम 18 या 19 साल के होते है। तब हमारे सपने देखने की छमता आसमान से भी ऊपर होती है।हम हर सपने देखते है, हर चाहत रखते है, की ज़िन्दगी में ये भी कर डालूगा वो भी कर डालूगा। लेकिन जैसे-जैसे उम्र का पड़ाव आगे भड़ता है, जब ग्रेजुएशन पूरी होती है। वही सपने कही और गुम हो जाते है। जो हमे ज़िन्दगी की एक दूसरी दुनिया, एक दूसरी सच्चाई से आमने-सामने कराते है, और तभी हमारे सपने और सोंच का तालमेल बिगड़ जाता है।

अब सवाल यह है की इसे कैसे सही किया जाए ?

सपने और सोंच के तालमेल को कैसे सही किया जाए, इस सपने और सोच के तालमेल को सही करने के लिए हमें लम्बे समय तक कर्मो का सहारा लेना पड़ेगा, जो हम कभी भी ध्यान नहीं रखते, हम कर्मो का सहारा तब तक नहीं लेते जब तक हमारे ऊपर कोई मुसीबत नहीं आती, जब तक हमे वह करना ही ना पड़े तब तक हम कर्मो का सहारा नहीं लेते। हम आलसी पड़े रहते है, हम सोचते है की आज नहीं कल कर लेंगे परसों कर लेंगे और वह आज-कल-परसों कभी नहीं आता। और फिर सोचते है, की बैठे-बैठे सपने पुरे हो जाएंगे। जिस भी इंसान को यह लगता है की उसके सपने बैठे-बैठे पुरे हो जाएंगे, वो कल भी वहीं बैठा था और आज भी यही बैठा और कल भी वही बैठा रहेगा।

यदि आपको हक़ीक़त में अपनी ज़िन्दगी में कुछ करना चाहते हो, आगे बढ़ना चाहते हो। तो उठो…… और आगे बड़ो और कर डालो उस काम को जिसको करने के लिए आप बहुत दिनों से सोंच रह हो आज अभी इसी वक़्त उस सोच को ख़त्म कर डालो नहीं तो वह सोच तुम्हे ख़त्म कर डालेगी। यदि आपको मेरी बात समज आई हो तो फैला दो आग की तरह इस आर्टिकल को।

Source: Mahendra Dogney [ MD motivation ]

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